आठ साल में पहली बार सोना 1500 डॉलर प्रति औंस के पार



अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोना बुधवार को 1,500 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया है, जो कि पिछले आठ साल का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, भारतीय वायदा बाजार एमसीएक्स पर सोने का भाव फिर नई ऊंचाई पर चला गया है।

अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर और प्रमुख एशियाई करेंसी में आई कमजोरी के चलते महंगी धातुओं के दाम में जोरदार उछाल आया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने में लगातार चार दिनों से जबकि चांदी में तीन दिनों से तेजी का सिलसिला जारी है।

विदेशी बाजार से मिले कमजोर संकेतों और घरेलू मुद्रा में आई कमजोरी से भारत में भी सोने और चांदी के दाम में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है और दोनों धातुएं लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।

पूर्वाह्न् 10.46 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने के अक्टूबर अनुबंध में पिछले सत्र से 195 रुपये यानी 0.52 फीसदी की तेजी के साथ 37,692 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले सोने का भाव 37,830 रुपये तक उछला जो कि अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

चांदी के सितंबर अनुबंध में 556 रुपये यानी 1.31 फीसदी की तेजी के साथ 43,043 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले चांदी का भाव 43,260 रुपये तक उछला। एमसीएक्स पर चांदी का भाव पांच अक्टूबर 2016 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर है।

कॉमेक्स पर सोने के दिसंबर अनुबंध में 11.6 डॉलर यानी 0.78 फीसदी की तेजी के साथ 1,495.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले कॉमेक्स पर सोने का भाव 1,502.25 डॉलर प्रति औंस तक उछला। कॉमेक्स पर सोने का भाव तकरीबन आठ साल के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है क्योंकि जुलाई 2011 के बाद पहली बार सोने का भाव 1,500 डॉलर के पार गया है।

चांदी का सितंबर अनुबंध कॉमेक्स पर 1.66 फीसदी की तेजी के साथ 16.718 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ था जबकि इससे पहले भाव 16.817 डॉलर प्रति औंस तक उछला जो कि जून 2018 के बाद का स्तर है। कॉमेक्स पर चांदी का भाव करीब 13 महीने के ऊंचे स्तर पर है।

कमोडिटी बाजार विश्लेषक अजय केडिया ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि महंगी धातुओं के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ने का मुख्य कारण ट्रेड वॉर है और इसी वजह से एशियाई मुद्राओं में भारी गिरावट आई है जिससे सोने और चांदी के भाव में उछाल आया है।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा दुनियाभर में केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने में खरीदारी किए जाने से सोने को सपोर्ट मिला है। केडिया ने वल्र्ड गोल्ड कांउसिल के आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि 2019 की दूसरी तिमाही में केंद्रीय बैंकों ने 224.4 टन सोने की खरीदारी की जबकि 2019 की पहली छमाही के आंकड़ों को देखें तो यह 374.1 टन है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा ईटीएफ की खरीदारी में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है।



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