नागपुर सहित महाराष्ट्र के 17 लाख सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर


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    नागपुर सहित महाराष्ट्र के 17 लाख सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर
    महाराष्ट्र राज्य के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्व्रारा तीन दिवसीय हड़ताल आज से पुकारी गई है...
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    नागपुर सहित महाराष्ट्र के 17 लाख सरकारी कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर
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नागपुर :- महाराष्ट्र राज्य के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्व्रारा तीन दिवसीय हड़ताल आज से पुकारी गई है I इसमें करीबन महाराष्ट्र के 17 लाख कर्मचारियों ने मंगलवार की सुबह से राज्य के शहरों में धरने आंदोलन कर तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। जिसका असर शासकीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। हड़ताल में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के शामिल होने से शासकीय अस्पतालों की चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। मंगलवार को शहर के संविधान चौक पर सेकड़ो कर्मचारियों द्व्रारा सभा का आयोजन किया गया था I 

राज्य के सरकारी अस्पतालों में नर्स व अन्य सहायक स्टाफ सुबह काम पर नहीं पहुंचे हैं, इसलिए रात्रिकालीन स्टाफ से फिलहाल काम चलाया जा रहा है। इसी प्रकार मुंबई में मंत्रालय, जिलापरिषद, नगरपालिका , महानगर पालिका में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की उपस्थिति नगण्य है। शासकीय तथा अनुदानित स्कूल व कॉलेज हड़ताल की वजह से आज बंद रखे गए हैं। राज्य के सरकारी कर्मचारियों ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू किए जाने, सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल किए जाने, पांच दिन का सप्ताह किए जाने, 2005 के बाद भर्ती हुए सरकारी कर्मचारियों को नई पेंशन योजना का लाभ दिए जाने संबंधी मांगों को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। 

कर्मचारियों की इन मांगों पर राज्य के मुख्य सचिव दिनेश कुमार जैन के साथ सोमवार को बैठक हुई और महंगाई भत्ते का जीआर भी तैयार किया गया। इसके बार राजपत्रित अधिकारी महासंघ के महासचिव समीर भाटकर ने इस हड़ताल में अधिकारियों के शामिल न होने की घोषणा की थी। जिससे शासकीय कर्मचारियों ने सरकार के निर्णय से असहमति जताई। कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दीपावली से ही 7वां वेतन आयोग लागू करने का आश्वासन दिया था। उसके बाद भी लागू नहीं किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने दिसंबर, फिर जनवरी तक 7वां वेतन आयोग लागू करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इसीलिए कर्मचारी 7, 8 व 9 अगस्त को इस राजयव्यापी आंदोलन में शामिल होकर मांगे पूरी होने के लिए तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं।



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