रावत ने कहा है कि मतदान के दौरान ईवीएम पर किया जाने वाला संदेह फेक न्यूज के समान ही होता है। ई


  • रावत ने कहा है कि मतदान के दौरान ईवीएम पर किया जाने वाला संदेह फेक न्यूज के समान ही होता है। ई
    रावत ने कहा है कि मतदान के दौरान ईवीएम पर किया जाने वाला संदेह फेक न्यूज के समान ही होता है। ई
    संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखने का आव्हान करते हुए देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ.पी रावत...
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नागपुर - संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखने का आव्हान करते हुए देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ.पी रावत ने कहा है कि मतदान के दौरान ईवीएम पर किया जाने वाला संदेह फेक न्यूज के समान ही होता है। ईवीएम में गड़बड़ी की संभावना नहीं है। श्री रावत ने यह भी कहा कि बैलेट मतदान के दौरान तो कई खतरे रहते थे। दो देशों में हो रहे चुनावों में भी बैलेट को लेकर आलोचनाएं व शिकायतें सामने आयी है। देश में ईवीएम को लेकर हर तरह की शिकायत व संदेह दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। राजनीतिक दलों की शिकायतें मिलने पर उनका भी संदेह दूर किया जाएगा। मनी मैनेजमेंट व मीडिया मैनेजमेंट को उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के लिहाज से सबसे बड़ी चिंता माना। मंगलवार को दैनिक भास्कर व महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा की ओर से राजेंद्र माथुर स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। सांइटिफिक सोसायटी सभागृह लक्ष्मीनगर में आयोजित इसी कार्यक्रम में श्री रावत बोल रहे थे। चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे प्रश्नों पर उन्होंने कहा कि कई बार चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का प्रयास करनेवाले भी प्रश्न करने लगते हैं। ईवीएम को दो मशीन के माध्यम से तैयार किया जाता है। मशीन में गड़बड़ी की संभावना ही नहीं है। मशीन के उपयोग में भर कुछ गड़बड़ी हो सकती है। प्रशिक्षण के अभाव या चुनाव अधिकारियों की लापरवाही से कुछ गड़बड़ी दिख सकती है। लेकिन उससे मतदान पर प्रभाव नहीं पड़ता है। ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत 0.5 ही है। मतदान किसे किया गया यह तय करने के लिए ईवीएम के साथ वीवी पेड लगा रहता है। वीवी पेड के इस्तेमाल में होनेवाली चूक का मतलब यह नहीं है कि मतदान में गड़बड़ी हो गई। निर्वाचन आयोग के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि गठन के बाद से ही आयोग ने ऐसी कोई चीज नहीं छोड़ी कि उसकी विश्वसनीयता पर प्रश्न किए जाएं। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए 11 मानकों के आधार पर रिसर्च टीम आकलन करती रहती है। 2014 के चुनाव में भारत में चुनाव प्रक्रिया का इंटीग्रेटी सूचकांक तय किया गया। 2015 के चुनाव में यह सूचकांक बढ़कर 59 प्रतिशत तब बढ़ गया । दैनिक भास्कर के प्रधान संपादक मनमाेहन अग्रवाल ने अतिथि का स्वागत किया। समूह संपादक प्रकाश दुबे ने प्रस्तावना रखी। महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा के अध्यक्ष गिरीश गांधी, राज्य के निर्वाचन आयुक्त अश्विनीकुमार मंच पर थे। संचालन समन्वय संपादक आनंद निर्बाण ने किया। आभार, संपादक मणिकांत सोनी ने माना।



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