विकलांग एवं शारीरिक रूप से कमजोर बच्चो को परिवार निवृत्ति वेतन मिलने की प्रकिया आसान


  • विकलांग एवं शारीरिक रूप से कमजोर बच्चो को परिवार निवृत्ति वेतन मिलने की प्रकिया आसान
    विकलांग एवं शारीरिक रूप से कमजोर बच्चो को परिवार निवृत्ति वेतन मिलने की प्रकिया आसान
    सरकारी कर्मचारियों के निवृत्ति वेतन प्रदान आदेश में मानसिक रूप से विकलांग एवं शारीरिक रूप से कमजोर बच्चे ..
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सरकारी कर्मचारियों के निवृत्ति वेतन प्रदान आदेश में मानसिक रूप से विकलांग एवं शारीरिक रूप से कमजोर बच्चे के नाम को शामिल किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय वित्त विभाग ने लिया है। इस निर्णय से बच्चों को परिवार निवृत्ति वेतन मिलने की प्रक्रिया अधिक आसान हुई है, यह सुधीर मुनगंटीवार ने कहा।

महाराष्ट्र नागरी सेवा नियम १९८२ के नियम ११६ में परिवार निवृत्ति वेतन का प्रावधान नमूद किया गया है, उसमें सरकारी कर्मचारियों के प्रथम वारिस (पति तथा पत्नी) के मृत्यू के पश्चयात उसके मानसिक विकलांग एवं शारीरिक रूप से कमजोर बच्चे को जब तक जिंदा है तब तक (हयातभर) परिवार निवृत्ति वेतन मिलने का प्रावधान है। इस जारी पद्धति के अनुसार प्रथम वारिस के मृत्यू के बाद उसके मानसिक विकलांग एवं शारीरिक रूप से कमजोर (दुर्बल) बच्चे के परिवार निवृत्ति वेतन संबंधित मामले मृत सरकारी कर्मचारियों के कार्यालय की ओर से महालेखापाल की ओर भेजे जाते है। उसके बाद महालेखापाल कार्यालय की ओर से सुधारित परिवार निवृत्तिवेतन प्रदान आदेश निर्गमित किया जाता है।

श्री. मुनगंटीवार ने कहा कि शारीरिक एवं मानसिक रूप से कमजोर बच्चों को यह प्रदान आदेश लेते समय कई परेशानियाँ उठानी पड़ती है। इसलिए निवृत्ति वेतनधारक सरकारी कर्मचारी जिंदा है, तभी (हयातीतच) ऐसे बच्चों का नाम प्रदान आदेश में शामिल किए जाने से यह कार्य पद्धति सुलभ होगी, इसे ध्यान में रखते हुये केंद्र सरकार ने उनके निवृत्ति वेतन नियम में दुरुस्ती की है और उस तरह के आदेश‍ निर्गमित किए है। इसी के मद्देनजर अब महाराष्ट्र सरकार के परिवार निवृत्ति वेतन प्रदान करने की कार्यपद्धति में भी सुलभता लाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

सरकारी कर्मचारियों के निवृत्ति वेतन संबंधित मामले तैयार करते समय नमुना ३ में परिवार का ढांचा में ऐसे मानसिक एवं शारीरिक रूप से कमजोर तथा विकलांग बच्चों को अब शामिल किया जाएगा। ऐसे बच्चे का फोटो, जिला शल्य चिकित्सक की ओर से दिया गया प्रमाणापत्र एवं आवश्यक दस्तावेज़ जोडकर और यह सब योग्य होने की खबरदारी करने के बाद कर्मचारियों के निवृत्ति वेतन के मामले अब महालेखाकार कार्यालय की ओर भेजे जाएंगे।

जिन्हें निवृत्तिवेतन योजना लागू है, ऐसे मान्‍यताप्राप्त एवं अनुदानप्राप्त शैक्षणिक संस्था, कृषितर विद्यापीठ, उनसे संलग्नित अशासकीय महाविद्यालय, कृषि विद्यापीठ के निवृत्ति वेतनधारक, परिवार निवृत्ति वेतनधारक,को भी यह निर्णय लागू किया गया है। इस निर्णय से संबंधित अधिक जानकारी महाराष्ट्र सरकार के www.maharashtra.gov.in इस वेबसाइट पर उपलब्ध है। इस शासननिर्णय का सांकेतांक २०१८१००८११४४०४६६२०५ यह है।



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