देवेंद्र फडणवीस की महत्वाकांक्षी जलयुक्त शिवार योजना पर भ्रष्टाचार के छीटें


  • देवेंद्र फडणवीस की महत्वाकांक्षी जलयुक्त शिवार योजना पर भ्रष्टाचार के छीटें
    देवेंद्र फडणवीस की महत्वाकांक्षी जलयुक्त शिवार योजना पर भ्रष्टाचार के छीटें
    महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने इसे भ्रष्टाचार का अड्डा करार दिया...
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महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने इसे भ्रष्टाचार का अड्डा करार दिया। उन्होंने योजना पर किए गए खर्च की संपूर्ण जांच की मांग की है, ताकि 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो सके। सचिन सावंत ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य सरकार कहती है कि जलयुक्त शिवार योजना के कारण राज्य के 16 हजार गांव सूखामुक्त हो गए और 9 हजार सूखा मुक्त होने की राह पर हैं। इस योजना पर 7,459 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 

इस भारी भरकम रकम से 5 लाख 41 हजार 91 कार्य पूरे किए गए हैं, जबकि 20 हजार काम चल रहे हैं। इससे योजना के चलते टैंकर के इस्तेमाल में 80 फीसदी की कमी आई है। जबकि अक्टूबर में ही राज्य के कई हिस्सों में सैकड़ों टैंकर चल रहे हैं। सावंत ने कहा कि आज राज्य के 201 तहसीलों के 20 हजार गांवों में सूखे की स्थिति हैं। इससे साबित होता है कि जलयुक्त शिवार योजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। 

भूजल सर्वेक्षण की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए सावंत ने कहा कि सितंबर' 18 के आखिर और अक्टूबर में आए सर्वेक्षण रिपोर्ट चिंताजनक स्थिति बयां करते हैं। गत पांच साल की तुलना में इस साल 365 में 252 तहसीलों के 13,984 गांवों में भूजल स्तर 3 मीटर से ज्यादा, 3 हजार 430 गांवों में 2 से 3 मीटर और 7 हजार 212 गांवों में 1 से 2 मीटर से नीचे चला गया है। इससे साफ है कि जलयुक्त शिवार से कोई लाभ नहीं हुआ है। इससे जलस्तर नहीं सिर्फ भ्रष्टाचार का स्तर बढ़ा है। उन्होंने पूछा 'आखिर 7 हजार करोड़ रुपये गए कहां?' 



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