लोकसभा चुनाव: अली-बजरंग बली विवाद में अब मायावती भी कूदीं, योगी आदित्‍यनाथ ने दी सफाई


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    लोकसभा चुनाव: अली-बजरंग बली विवाद में अब मायावती भी कूदीं, योगी आदित्‍यनाथ ने दी सफाई
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उत्‍तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव में 'अली' और 'बजरंग बली' पर राजनीतिक घमासान और तेज हो गया है। यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, समाजवादी पार्टी के फायर ब्रैंड नेता आजम खान के बाद अब मायावती भी इस विवाद में कूद पड़ी हैं। उधर, चुनाव आयोग को दिए अपने जवाब में सीएम योगी ने अपनी सफाई दी है। अपने जवाब में सीएम योगी ने कहा कि उनकी गलत मंशा नहीं थी और वह अब अपने बयानों में सतर्कता बरतेंगे।

मायावती ने शनिवार को रामनवमी पर दिए अपने संदेश में कहा, 'रामनवमी की देश और प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं तथा उनके जीवन में सुख और शान्ति की कुदरत से प्रार्थना। ऐसे समय में जब लोग श्रीराम के आदर्शों का स्मरण कर रहे हैं, तब चुनावी स्वार्थ हेतु बजरंग बली और अली का विवाद तथा टकराव पैदा करने वाली सत्ताधारी ताकतों से सावधान रहना है।' मायावती का इशारा योगी आदित्‍यनाथ के बयान की ओर था।

हमें बजरंग बली पर विश्वास: योगी
बता दें कि योगी आदित्‍यनाथ ने कहा था, ‘अगर कांग्रेस, एसपी, बीएसपी को अली पर विश्वास है तो हमें भी बजरंग बली पर विश्वास है।’ सीएम योगी ने देवबंद में बीएसपी सुप्रीमो के उस भाषण की तरफ इशारा करते हुए यह टिप्पणी की थी जिसमें मायावती ने मुस्लिमों से एसपी-बीएसपी गठबंधन को वोट देने की अपील की थी। योगी के इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने उन्‍हें नोटिस भेजा था और शुक्रवार शाम तक जवाब देने को कहा था।

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अपने जवाब में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी मंशा गलत नहीं थी। वह भविष्य में इस तरह के बयान देने में सतर्कता बरतेंगे। योगी ने जवाब लखनऊ में मुख्य चुनाव अधिकारी को सौंपा। सीएम ने कहा कि वह आयोग के बयान को लेकर आपत्ति और दिए नोटिस के आधार पर विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में सावधानी बरतेंगे और ऐसे बयानों से बचेंगे। योगी के जवाब के बाद अब चुनाव आयोग को तय करना है कि वह योगी पर क्या कार्रवाई करता है।

 

अली और बजरंग एक हैं: आजम
इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने योगी आदित्यनाथ के अली और बजरंग बली वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि अब हम अली और बजरंग एक हैं। आजम खान ने कहा, 'अली और बजरंग में झगड़ा न कराओ। मैं नया नाम दिए देता हूं, बजरंग अली। मेरा तो दीन कमजोर नहीं होता। आपने कहा था कि बजरंग बली दलित थे, फिर आपके किसी साथी ने कहा वह ठाकुर थे। एक नेता ने उन्हें जाट बता दिया। फिर किसी ने कहा कि वह भारत के थे ही नहीं बल्कि श्रीलंका के थे। लेकिन एक मुसलमान एमएलसी ने कहा कि वह मुसलमान थे।'

आजम खान ने कहा, 'अब हम अली और बजरंग एक हैं।' यही नहीं आजम ने बजरंग अली तोड़ दुश्मन की नली की तर्ज पर कहा, 'बजरंग अली तोड़ दो दुश्मन की नली, बजरंग अली ले लो जालिमों की बलि। ले लो बलि, बजरंग अली, बजरंग अली।'

रामपुर में गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए आजम ने पीएम मोदी को भी निशाने पर लेकर कहा, 'आप कल नवाज शरीफ के दोस्त थे और आज इमरान खान (पाकिस्तानी प्रधानमंत्री) आपके दोबारा प्रधानमंत्री बनने का इंतजार कर रहा है। बताइए लोगों, पाकिस्तान का एजेंट मैं हूं या...।' इस पर भीड़ में मौजूद लोगों ने 'मोदी' का नाम लेना शुरू कर दिया। उन्होंने भीड़ से बार-बार आह्वान करते हुए कहा कि बताओ देश को पाकिस्तान का एजेंट कौन है।



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